Jul 01, 2026

15 दिनों का विशेष सेवा पखवाड़ा बदलेगा उत्तराखंड की तस्वीर, मुख्यमंत्री धामी का सुशासन पर सबसे बड़ा दांव

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उत्तराखंड की राजनीति और सुशासन के इतिहास में 4 जुलाई का दिन बेहद खास होने जा रहा है। सूबे के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के सफल 5 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को सरकार किसी भव्य जश्न के रूप में नहीं, बल्कि सीधे जनता की सेवा कर मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं के मौके पर ही त्वरित निस्तारण के लिए पिछले साल शुरू किए गए बेहद लोकप्रिय कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का दूसरा चरण (पार्ट-2) आगामी 4 जुलाई से पूरे प्रदेश में एक साथ लॉन्च किया जाएगा। 

यह विशेष अभियान 15 दिनों तक एक 'सेवा पखवाड़े' के रूप में संचालित होगा। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों और तहसील स्तर पर विशाल जन-सुनवाई शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ शासन-प्रशासन के आला अधिकारी खुद मौजूद रहकर जनता की दहलीज पर उनकी समस्याओं का निपटारा करेंगे। धामी सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि राज्य के आम नागरिकों, विशेषकर पर्वतीय और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के समाधान या प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इसी पारदर्शी सोच को ध्यान में रखकर सरकार ने इससे पहले दिसंबर महीने में 45 दिनों का एक महा-अभियान चलाया था, जिसे उत्तराखंड में 'बेस्ट गवर्नेंस प्रैक्टिस' (सुशासन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण) के रूप में सराहा गया था। अब उसी सफलता को दोहराने के लिए मुख्यमंत्री ने दूसरे चरण में सभी सक्षम अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से शिविरों में उपस्थित रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को तीरथ सिंह रावत के स्थान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली थी। इसके बाद साल 2022 के विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में भाजपा ने दोबारा प्रचंड बहुमत हासिल किया और पार्टी ने एक बार फिर धामी के विकासपरक विजन पर भरोसा जताया। तब से लेकर अब तक, बिना रुके और बिना थके मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई दी है। 4 जुलाई 2026 को उनका यह शानदार 5 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। लोगों को बिना किसी भागदौड़ और मानसिक परेशानी के उनके घर के पास ही सरकारी सेवाएं मिलें, यही असल सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में हम ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार को पहुंचाना है।