Sep 24, 2026

आईआईएम काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमि पूजन, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा-उत्तराखंड के युवाओं को मिलेंगे विश्वस्तरीय अवसर

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रबंधन शिक्षा (मैनेजमेंट एजुकेशन) के क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज 'भारतीय प्रबन्धन संस्थान' (आईआईएम) काशीपुर के देहरादून स्थित नए कैंपस का विधि-विधान पूर्वक भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने देहरादून में देश के इस प्रतिष्ठित संस्थान का सैटेलाइट/नया परिसर स्थापित होने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की।

प्रदेश के युवाओं के लिए उच्चस्तरीय प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के देहरादून कैंपस का सोमवार को भूमिपूजन किया गया। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कैंपस का भूमिपूजन कर इसके निर्माण की औपचारिक शुरुआत की। देहरादून में आईआईएम काशीपुर के कैंपस की स्थापना को प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आईआईएम काशीपुर का कैंपस देहरादून में स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मैनेजमेंट के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा हासिल करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। अब विद्यार्थियों को प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें राज्य में ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत ऐसे संस्थानों और अवसरों की है, जहां युवा अपनी क्षमता को सही दिशा दे सकें। उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धता युवाओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देगी, बल्कि उन्हें बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए क्षेत्रों के लिए तैयार करने में भी मदद करेगी। दरअसल, देहरादून लंबे समय से शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखता है। ऐसे में आईआईएम काशीपुर जैसे प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान के कैंपस का विस्तार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक नया आयाम जोड़ सकता है। मैनेजमेंट शिक्षा का दायरा अब केवल पारंपरिक कॉरपोरेट नौकरियों तक सीमित नहीं रह गया है। स्टार्टअप, उद्यमिता, डिजिटल कारोबार, वित्तीय प्रबंधन और नए व्यावसायिक मॉडल के विस्तार के बीच प्रबंधन विशेषज्ञता की मांग लगातार बढ़ रही है। उत्तराखंड के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसे संस्थान उपलब्ध होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शोध, उद्योग से जुड़ाव, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाते हैं, तो इसका लाभ व्यापक स्तर पर मिल सकता है। भूमिपूजन कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी देहरादून के मुख्य अभियंता देवेंद्र प्रकाश सहित संबंधित विभागों और आईआईएम काशीपुर के अधिकारी मौजूद रहे। देहरादून कैंपस की शुरुआत को केवल एक नए भवन की नींव के रूप में देखने के बजाय इसे उत्तराखंड में उच्चस्तरीय प्रबंधन शिक्षा के विस्तार की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब असली चुनौती यह होगी कि संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता, उद्योग से जुड़ाव और स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों को किस तरह प्रभावी बनाया जाता है।