Jun 20, 2026

सीएम धामी ने घटती बेरोजगारी और बढ़ती प्रति व्यक्ति आय के साथ उत्तराखंड की सफलता गिनाई

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देहरादून। उत्तराखंड विकास और समृद्धि के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में लागू की गई रोजगारोन्मुखी नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है, जबकि नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' के एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए और कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थी युवाओं और नियोक्ताओं को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। इन नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य को अब तक 3.56 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इस भारी-भरकम निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा हुए हैं। राज्य की आर्थिक मजबूती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना से अधिक बढ़ गई है। इसके अलावा, सबसे सुखद परिणाम यह रहा है कि पहाड़ों से होने वाले पलायन पर रोक लगी है और 'रिवर्स पलायन' में सकारात्मक वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश के लिए इसे एक गौरवशाली क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा "नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी मिली है। यह इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां सही दिशा में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाएं युवाओं के लिए नए रास्ते खोल रही हैं। राज्य सरकार भी कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है। उत्तराखंड में नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिसके तहत युवाओं को तकनीकी और आर्थिक सहायता दी जा रही है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' के तहत उत्तराखंड के छह हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को सीधा लाभ मिला है। इसके अंतर्गत 24 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लाभार्थियों के खातों में वितरित की जा चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना से 15 लाख से अधिक युवाओं को लाभ मिला है और 2400 करोड़ रुपये की राशि बांटी गई है। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक देश को पूर्ण रूप से विकसित बनाने की मुहिम में हर युवा को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना होगा। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और सही दिशा के बल पर ही भारत पुनः 'विश्व गुरु' के रूप में स्थापित हो सकता है।