May 07, 2026

हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की प्रतिष्ठा: यमकेश्वर में योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक धार्मिक दौरा

post-img

देवभूमि उत्तराखंड की गोद और यमकेश्वर के शांत वातावरण में गुरुवार को उस समय उत्साह का ज्वार उमड़ पड़ा, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय निजी दौरे पर पैतृक गांव पंचूर पहुंचे। यमकेश्वर हेलीपैड पर खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'अपणी माटी' में लौटे योगी आदित्यनाथ का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी अपने गांव में नवनिर्मित हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने पहुंचे हैं।

अपने दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपने पूज्य गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात, एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब सीएम योगी ने कॉलेज परिसर के समीप बने ओपन एयर जिम का शुभारंभ किया। महज औपचारिकता न निभाते हुए, मुख्यमंत्री योगी और मुख्यमंत्री धामी ने खुद जिम के उपकरणों पर एक्सरसाइज (कसरत) की। भगवाधारी मुख्यमंत्री को जिम में पसीना बहाते देख वहां मौजूद युवा और स्थानीय लोग जोश से भर गए। यह संदेश साफ था कि 'विकसित प्रदेश के लिए स्वस्थ नागरिक' पहली प्राथमिकता है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने क्षेत्र के प्रसिद्ध यमकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पंचूर गांव की गलियों में जैसे ही योगी आदित्यनाथ का काफिला पहुंचा, स्थानीय महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने अपने 'गांव के लाल' का फूलों की वर्षा के साथ स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और लोग अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने को बेताब दिखे। मुख्यमंत्री के दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि पंचूर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है ताकि धार्मिक और व्यक्तिगत कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हो सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा, "योगी जी का अपने पैतृक गांव पहुंचना पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। उनका अपनी जड़ों से यह लगाव हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। ज्ञात हो कि पंचूर गांव में आयोजित होने वाला यह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। योगी आदित्यनाथ का यह दौरा साबित करता है कि वे भले ही देश के सबसे बड़े राज्य की कमान संभाल रहे हों, लेकिन उनकी आत्मा आज भी पहाड़ की इन्हीं कंदराओं और अपने गांव की मिट्टी में बसती है।