Nov 05, 2026
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की फुलप्रूफ तैयारी: अर्धसैनिक बलों की 153 कंपनियां और 17 हजार होमगार्ड संभालेंगे कमान

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देहरादून। उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे ने अभी से कमर कस ली है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और सुगम बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और पुलिस विभाग ने एक बेहद व्यापक और चाक-चौबंद चुनावी खाका तैयार किया है। राज्य की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का एक ऐसा ताना-बाना बुना गया है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अराजकता के लिए कोई गुंजाइश न बचे।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग और पुलिस प्रशासन ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम मतदान केंद्रों, बर्फबारी और संचार सुविधाओं की चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा से लेकर तकनीकी व्यवस्थाओं तक का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य ने 153 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और बाहरी राज्यों से 17 हजार होमगार्ड उपलब्ध कराने की मांग प्रस्तावित की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और पुलिस विभाग की तैयारियों के अनुसार प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ राज्य पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और प्रांतीय रक्षक दल के जवानों की तैनाती की योजना बनाई गई है। चुनावी सुरक्षा के लिए प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राज्य ने 153 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की मांग रखी है। इसके अलावा उत्तराखंड में उपलब्ध 38 कंपनी पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेगी। राज्य पुलिस के करीब 15 हजार जवान और 5,100 स्थानीय होमगार्ड चुनावी जिम्मेदारियां संभालेंगे। बाहरी राज्यों से 17 हजार अतिरिक्त होमगार्ड बुलाने की आवश्यकता आंकी गई है। इसके साथ ही लगभग छह हजार पीआरडी और अन्य सुरक्षा कर्मियों को भी चुनावी व्यवस्था में लगाया जाएगा। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनाव आयोग के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रही हैं। खासकर ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण मतदान केंद्रों तक पहुंचना और वहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो जाता है। इसे देखते हुए इस बार बर्फबारी की आशंका वाले 352 संवेदनशील मतदान केंद्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। इन केंद्रों पर सुरक्षा और मतदान संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष योजना बनाई जा रही है। चुनाव के दौरान संचार व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है। प्रदेश के कुल 12,543 मतदान केंद्रों में से 12,017 केंद्रों तक 4-जी नेटवर्क की सुविधा पहुंच चुकी है। वहीं, 260 ऐसे मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इन शैडो एरिया में वायरलेस सेट और सैटेलाइट फोन के माध्यम से संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना का आदान-प्रदान हो सके। चुनाव से पहले आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई तेज कर दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 30 सितंबर तक प्रदेश में 17,911 गैर-जमानती वारंट तामील कराए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में जारी 47,751 शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन और हथियार जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 739 अवैध हथियार भी जब्त किए जा चुके हैं। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों का खाका सामने आने लगा है। अब इन तैयारियों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना निर्वाचन विभाग और पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।