Aug 05, 2026

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, तीन जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी,बिजली और भूस्खलन का भी खतरा

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां कहीं-कहीं अत्यधिक बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज बारिश के दौर की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। भारी वर्षा के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।देहरादून, चमोली और बागेश्वर के अलावा टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इन सात जिलों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें। बारिश के कारण सड़कों पर मलबा आने, चट्टानें गिरने और मार्ग बाधित होने की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और बरसाती गदेरों के आसपास जाने से बचें। खुले स्थानों पर गरज-चमक के दौरान खड़े न रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। संभावित मौसम को देखते हुए प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों से कहा गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रहा जा सके।