देहरादून। उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य में कुल 12,856 आवासीय इकाइयों (आवास) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में इन सभी 15 आवासीय परियोजनाओं में फिनिशिंग और मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का अंतिम चरण का कार्य तेजी से चल रहा है। शासन ने इसके लिए 31 अक्टूबर तक की डेडलाइन तय की है, जिसके बाद एक से दो माह के भीतर पात्र लाभार्थियों को उनके पक्के घरों का आवंटन कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड में अपने घर का सपना देख रहे हजारों गरीब परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 15 आवासीय परियोजनाओं के 12,856 आवासों का ढांचागत निर्माण पूरा हो चुका है। अब इन आवासों में फिनिशिंग और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक शेष कार्य पूरा कर लिया जाए और अगले एक से दो महीने के भीतर पात्र लाभार्थियों को आवास आवंटित कर दिए जाएं। इससे लंबे समय से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अपर आवास आयुक्त डीपी सिंह ने बताया कि सभी संबंधित परियोजनाओं में ढांचागत निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। फिलहाल आवासों को रहने योग्य बनाने के लिए अंतिम चरण के कार्य कराए जा रहे हैं। इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द घर सौंपे जा सकें। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि 15 आवासीय परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की साप्ताहिक निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का जोर है कि फिनिशिंग और जरूरी सुविधाओं से संबंधित काम में देरी न हो तथा पात्र लोगों को जल्द आवास आवंटित किए जा सकें। इन परियोजनाओं में कुछ आवासों पर पहले ही कब्जा दिया जा चुका है। शिकारपुर-रुड़की योजना में आवास तैयार कर लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शेष परियोजनाओं में भी अंतिम तैयारियां पूरी होने के बाद आवंटन की कार्रवाई की जाएगी। इन 15 परियोजनाओं में ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर, सितारगंज, रुद्रपुर, गदरपुर और जसपुर क्षेत्रों के साथ हरिद्वार जिले के रुड़की और मंगलौर क्षेत्र की योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा रामनगर क्षेत्र में भी आवास बनाए गए हैं। परियोजनाओं में सबसे अधिक आवास भवानीपुर-जसपुर योजना में 1,264 हैं। कनकपुर-काशीपुर योजना में 1,256, अनेकीहेतमपुर-हरिद्वार योजना में 1,152 और बेलड़ी-रुड़की योजना में 1,088 आवास शामिल हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को आवासीय सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा।
किस परियोजना में कितने आवास?
कनकपुर-काशीपुर: 1,256
उकरौली-सितारगंज: 1,168
अनेकीहेतमपुर-हरिद्वार: 1,152
शिकारपुर-रुड़की: 768
मठकोटा-रुद्रपुर: 928
महुआखेड़ागंज-काशीपुर: 824
मंगलौर-रुड़की: 544
गंगापुर-गौसाई, काशीपुर: 584
मानपुर-काशीपुर: 512
उम्मेदपुर-रामनगर: 528
बेलड़ी-रुड़की: 1,088
उकरौली-सितारगंज-2: 864
श्यामनगर-गदरपुर: 928
झब्बरपुर-रुड़की: 448
भवानीपुर-जसपुर: 1,264
सरकार की प्राथमिकता निर्माण पूरा होने के साथ आवासों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना है, ताकि लाभार्थियों को रहने योग्य घर मिल सकें। साप्ताहिक निगरानी और तय समयसीमा के जरिए परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। अब सबकी निगाहें अंतिम चरण के कार्यों की समय पर समाप्ति और आवंटन प्रक्रिया पर हैं। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम पूरा होता है, तो अगले एक से दो महीने में हजारों परिवारों को अपने घर की चाबी मिलने की उम्मीद है।