Oct 26, 2026
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा फैसला: प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 400 से अधिक पदों पर होगी सीधी भर्ती

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उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्तर में सुधार और शासकीय विद्यालयों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में खाली पड़े 400 से अधिक शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से जहां एक ओर राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षा का ढांचा भी मजबूत होगा।

प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 400 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के खाली पद पदोन्नति के माध्यम से भरने और जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री ने अपने शासकीय आवास पर आयोजित बैठक में विभागीय योजनाओं और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद जरूरत से अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि कुछ स्कूलों में अधिक छात्र संख्या के कारण शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जहां उनकी जरूरत अधिक है। बैठक में राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों को भरने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां हो सकें। प्रधानाचार्यों की तैनाती से विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार ने विद्यालयों में खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना भी बनाई है। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले और प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक विद्यालय में खेल मैदान का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग अपने विद्यालय परिसरों में भूमि उपलब्ध कराएगा। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ जल्द समझौता ज्ञापन किए जाने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को इसकी मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश भी दिए। योजना के क्रियान्वयन से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। बैठक में शिक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकतानुसार भूमि-पूजन, शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया। बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा केएस रावत, उप निदेशक जेपी काला सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षक भर्ती, प्रधानाचार्यों की पदोन्नति, विद्यालयों में शिक्षकों के संतुलित वितरण और खेल मैदानों के निर्माण से जुड़े इन निर्देशों के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। भर्ती की समय-सीमा और पदों का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।