Aug 27, 2026

नेपाल बाढ़: भोटे कोशी का जलस्तर बढ़ने के बाद रसुवा में क्या हुआ?

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नई दिल्ली। उत्तरी नेपाल में बुधवार को भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ से तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले के कई इलाकों में घर, वाहन, पुल, बिजली परियोजनाएं और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। अब तक सात लोगों के शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन से मिली जानकारी के अनुसार, 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें 105 भारतीय और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद सीमावर्ती बस्तियों में पानी तेजी से फैल गया। तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली। शुरुआती जानकारी में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया हो सकता है। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां इसकी चपेट में आ गईं। कई स्थानों पर पुलों और सड़क संपर्क को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन अभी बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आकलन कर रहा है। रसुवा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बह जाने की खबरें मिली हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस आपदा में भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है, हालांकि नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन अभी जारी है। नेपाल सेना के अनुसार, रसुवा के तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्रों में बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ है। कई वाहन, व्यावसायिक सामान और दूसरी संपत्तियां पानी में बह गईं। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना के मुताबिक, सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। बाढ़ के कारण हाल ही में बनाया गया एक पुल भी नष्ट होने की जानकारी सामने आई है। तिब्बत सीमा से लगे इस पहाड़ी जिले की भौगोलिक स्थिति राहत एवं बचाव अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही है। बाढ़ की चपेट में आम लोगों के साथ सुरक्षा बलों के जवान भी आए हैं। उत्तरी रसुवा की एक सीमा चौकी पर तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल यानी एपीएफ के चार जवान अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी और नेपाल पुलिस के 32 जवानों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाने में भी मुश्किल आ रही है।

15 हाइड्रो पावर परियोजनाएं प्रभावित, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
बाढ़ ने नेपाल के बिजली क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से 15 हाइड्रो पावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 परियोजनाएं चालू थीं, जबकि पांच परियोजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा था। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण इन परियोजनाओं के संचालन और निर्माण कार्य पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सिंह दरबार में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के संघीय सांसदों के साथ राहत एवं बचाव अभियान को लेकर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अधिकारियों को निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही विस्थापित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।

अब तक सात शव बरामद, 14 हेलीकॉप्टरों से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार, अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें चार शव नुवाकोट और तीन शव धाडिंग जिले से मिलने की जानकारी है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ से हुए नुकसान और हताहतों की अंतिम संख्या अभी सामने नहीं आई है। प्रभावित इलाकों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है और कई लोगों के अब भी लापता होने की आशंका है। राहत एवं बचाव कार्य में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीमें लगाई गई हैं। तलाशी और बचाव अभियान के लिए 14 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। बुधवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों की मदद से करीब 25 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान जारी है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण ने लोगों से हालात बिगड़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।