Sep 07, 2026

किसानों के चेहरे पर खिली मुस्कान: कृषि यंत्रों की खरीद पर 80% सब्सिडी दे रही धामी सरकार,आधुनिक खेती को मिल रही नई रफ्तार

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देहरादून। उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए धामी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत उपकरणों और संसाधनों से जोड़ने के लिए एक बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस जनकल्याणकारी पहल से जहाँ एक तरफ किसानों पर महंगे कृषि उपकरणों की खरीद का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती-किसानी का काम पहले से अधिक सुगम और किफ़ायती हो गया है।

उत्तराखंड में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और संसाधनों से जोड़ने के लिए धामी सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेती को आसान बनाने और कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की इस पहल से किसानों पर महंगे कृषि उपकरण खरीदने का आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है। पारंपरिक खेती में किसानों को कई कृषि कार्यों के लिए अधिक समय, श्रम और संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है। वहीं, आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से जुताई, बुवाई, कटाई समेत खेती से जुड़े कई काम कम समय और अपेक्षाकृत कम श्रम में पूरे किए जा सकते हैं। ऐसे में कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी किसानों को तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सरकार का जोर कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी है। कृषि उपकरणों की कीमत अधिक होने के कारण छोटे और सीमांत किसानों के लिए आधुनिक मशीनों की खरीद आसान नहीं होती। सब्सिडी की व्यवस्था से ऐसे किसानों को भी आधुनिक संसाधनों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। सरकार का कहना है कि किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराकर उनकी आय और आत्मनिर्भरता मजबूत करना प्राथमिकता है। आधुनिक कृषि तकनीक के विस्तार से खेती की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ किसानों के समय और श्रम की बचत भी हो सकती है। इससे कृषि कार्यों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। धामी सरकार की इस पहल को उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में खेती की परिस्थितियां अलग-अलग होने के बावजूद आधुनिक उपकरण किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। सरकार की कोशिश है कि किसान केवल पारंपरिक संसाधनों तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर खेती को अधिक प्रभावी और लाभकारी बना सकें। कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के सरकार के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है।