May 09, 2026

उपनल कर्मचारियों का मामला लंबे समय से लंबित रोजगार मुद्दों को उजागर करता है

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ व वन विभाग में वर्षो से कार्यरत दैनिक श्रमिकों को कोर्ट के आदेशों के बावजूद अभी तक नियमित नहीं करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई की। आज हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को कैबिनेट में रखा गया है जिसपर निर्णय लेने के लिए उन्होंने कोर्ट से अतिरिक्त समय देने की मांग की है। जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 1 सप्ताह बाद तिथि नियत की है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार के कार्मिक सचिव शैलेश बगोली को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा था। कोर्ट ने उनसे यह भी बताने को कहा है कि अभी तक उच्च न्यायलय व सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन क्यों नहीं हुआ और सरकार ने इनके नियमतीकरण के लिए क्या उपाय किए है। कोर्ट को अवगत कराएं। बता दें कि संविदा कर्मचारी संघ के अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष उनका पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व में कोर्ट की खंडपीठ ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के सम्बंध में एक आदेश जारी किया था। लेकिन इस आदेश पर अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया। न ही इसे उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड में लाया गया है। पूर्व में संघ की ओर से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस अवमानना याचिका पर (उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ बनाम आनन्द बर्धन, मुख्य सचिव उत्तराखंड) की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग की गयी थी।