देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रपुर में मिलाद जुलूस के दौरान भड़काऊ बयानबाजी करने वाले मुफ्ती मुजीब के खिलाफ राज्य सरकार सख्त से सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। गिरफ्तार आरोपी मुफ्ती के खिलाफ अब राष्ट्रद्रोह जैसी अत्यंत गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के कानूनी पहलुओं पर मंथन किया जा रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया।
मीडिया के सवालों का बेबाकी से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर मौलवी द्वारा जिस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया और पुराने इतिहास की संवेदनशील बातों को उभारा गया, वह सीधे तौर पर समाज में अराजकता फैलाने की एक सुनियोजित साजिश है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "देवभूमि उत्तराखंड की शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। ऐसे तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी मौलवी के खिलाफ कठोरतम धाराओं में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और उसके ऊपर राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा चलाने को लेकर भी वैधानिक सलाह ली जा रही है। रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर आयोजित मिलाद जुलूस के दौरान मुफ्ती मुजीब ने कथित तौर पर भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाला भाषण दिया था। मामला उजागर होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया था। अब मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद स्पष्ट है कि शासन-प्रशासन ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं है। पुलिस और कानूनी विशेषज्ञ अब इस बात का आकलन कर रहे हैं कि मामले में राष्ट्रद्रोह समेत अन्य कौन-कौन सी अतिरिक्त और कठोर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं, ताकि भविष्य में कोई भी देवभूमि की शांति व्यवस्था को भंग करने का दुस्साहस न कर सके।