नई दिल्ली। मद्रास से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने बड़ा और अहम फैसला सुनाते हुए सथानकुलम कस्टोडियल किलिंग मामले में 9 पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया का बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पुलिस हिरासत में होने वाली घटनाओं पर सख्त संदेश देने की बात कही जा रही है। साल 2020 के सथानकुलम कस्टोडियल किलिंग मामले में बड़ा फैसला आया है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने पिता-पुत्र की मौत के मामले में दोषी पाए गए 9 तमिलनाडु पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला उस समय काफी चर्चित रहा था और अब कोर्ट के फैसले ने एक अहम संदेश दिया है। इस मामले में दोषी ठहराए गए नौ पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर बालकृष्णन और रघु गणेश शामिल हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मी मुरुगन, समदुरई, मुथुराजा, चेल्लादुरई, थॉमस फ्रांसिस और वेलुमुथु के नाम भी शामिल हैं। जयराज और बेन्निक्स को 19 जून 2020 को तूतीकोरिन जिले के सथानकुलम पुलिस ने कोविड-19 लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान पुलिस की बर्बर पिटाई से उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने 2027 पन्नों की मुख्य चार्जशीट और 400 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में पांच साल से अधिक समय तक चले ट्रायल के दौरान 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
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