मेरठ। यूपी के मेरठ से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, यहां सरधना क्षेत्र के मेहरमती गणेशपुर गांव में ईद के दिन ग्राम प्रधान सहीदू के दो सगे भाई भूरा और सैमुद्दीन की निर्मम हत्या कर दी गयी। इस वारदात से गांव में मातम और तनाव का माहौल व्याप्त है। आज रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों भाइयों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। आरोपियों के घरों में आग लगाने की भी कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद की शुरुआत कब्रिस्तान में हुई एक मामूली कहासुनी से हुई, जो जल्द ही हिंसक रूप ले बैठी। दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियारों से जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें भूरा और सैमुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक करने से इंकार कर दिया। उनकी मांग है कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। इस बीच फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की और साक्ष्य जुटाए। एक आरोपी के घर में आग लगाने के प्रयास की भी सूचना हैए जिसे पुलिस ने समय रहते काबू कर लिया। इधर घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर, सीओ आशुतोष कुमार और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। दोपहर तक शवों को सुपुद-ए-खाक नहीं किया गया था, हांलाकि कुछ लोग परिजनों को समझाने में जुटे थे। वहीं इस मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
Trending
राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास का भारी जिम्मा: नगर निगमों और पालिकाओं के कामकाज में लाएंगे पारदर्शिता
रायपुर अस्पताल सफाई में तीन मौतें
मेरठ झड़प के बाद हालात संभालने में जुटी पुलिस
उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार का पूरा विश्लेषण: क्यों चुुने गए ये पांच चेहरे और क्या होगा असर?
सड़क सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी: उत्तराखंड परिवहन विभाग ने नियमों के पालन की अपील की
परेड ग्राउंड में वीआईपी और सामान्य प्रवेश की व्यवस्था: सुरक्षा अधिकारियों ने की बैरिकेडिंग की बारीकी से जांच
हरिद्वार में आबकारी बोलियों का सफल समापन: राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में बड़ा कदम
शिक्षक संगठनों की मांग पर पुनर्विचार: क्या सरकार पदोन्नति के कोटे में करेगी कोई बड़ी वृद्धि?