Mar 22, 2026

राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास का भारी जिम्मा: नगर निगमों और पालिकाओं के कामकाज में लाएंगे पारदर्शिता

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के 48 घंटों के भीतर मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित और रणनीतिक बंटवारा कर दिया है। रविवार शाम जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शासन पर अपनी पकड़ मजबूत रखते हुए गृह, वित्त और सतर्कता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि पांच नए मंत्रियों को उनके अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव के आधार पर महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्रिमंडल में अब मंत्रियों की कुल संख्या 12 हो गई है, जो संवैधानिक सीमा के अनुसार अधिकतम है। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कोर प्रशासनिक ढांचे को अपने नियंत्रण में रखा है। जारी सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री वित्त, सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, राजस्व, पेयजल, ऊर्जा, खनन, आबकारी, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे अति-संवेदनशील विभाग स्वयं देखेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का भार था, जिसे अब संतुलित किया गया है। इस फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला निर्णय मौजूदा मंत्रियों के विभागों को लेकर रहा। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विभाग वापस लेकर सुबोध उनियाल को सौंप दिया गया है। वहीं, कद्दावर मंत्री गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटाकर नए मंत्री भरत सिंह चौधरी को दे दिया गया है। वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज के पास से भी पंचायती राज विभाग लेकर मदन कौशिक को नई जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों को आगामी 2027 के चुनाव से पहले प्रशासनिक कसावट लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

नए मंत्रियों को मिलीं ये अहम जिम्मेदारियां
मुख्यमंत्री ने नए चेहरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार पोर्टफोलियो आवंटित किए हैं:
मदन कौशिक: कैबिनेट में दमदार वापसी करने वाले हरिद्वार के वरिष्ठ नेता मदन कौशिक को पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष, पुनर्गठन और जनगणना जैसे भारी-भरकम विभाग दिए गए हैं।

भरत सिंह चौधरी: रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को ग्राम्य विकास के साथ-साथ लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम (MSME) और खादी एवं ग्रामोद्योग का जिम्मा मिला है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए अहम हैं।

प्रदीप बत्रा: रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा को परिवहन विभाग की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा वे सूचना प्रौद्योगिकी (IT), विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक विभाग देखेंगे।

राम सिंह कैड़ा: कुमाऊं के धाकड़ नेता राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास जैसा महत्वपूर्ण विभाग मिला है। साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

खजान दास: राजपुर रोड विधायक खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग सौंपा गया है, जिससे दलित और पिछड़ा वर्ग के समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विभाग आवंटन में मुख्यमंत्री ने 'परफॉरमेंस' को आधार बनाया है। सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य जैसे बड़े विभाग की जिम्मेदारी देना उनकी प्रशासनिक क्षमता पर भरोसे को दर्शाता है। वहीं, मदन कौशिक और भरत चौधरी को ग्रामीण विकास और पंचायती राज सौंपकर सरकार ने गांवों तक अपनी पहुंच मजबूत करने का संकेत दिया है। सोमवार सुबह सभी नए मंत्री सचिवालय स्थित अपने कार्यालयों में विधिवत कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस विस्तार और विभागों के पुनर्वितरण के बाद अब धामी सरकार की विकास यात्रा में नई गति आने की उम्मीद है।